- तुम मेरे हो की टीम इंदौर पहुंची, महाकालेश्वर मंदिर में लिया आशीर्वाद, फैंस के साथ मनाया जश्न और चखे इंदौर के स्वादिष्ट व्यंजन
- “हॉरर और कॉमेडी का मेल बहुत दिलचस्प होता है”: अक्षय कुमार
- From Aishwarya Rai Bachchan’s L'Oréal Paris walk to Triptii Dimri’s Victoria's Secret pink carpet: Indian stars who made global fashion pay attention
- Ayushmann Khurrana, Abhishek Banerjee to Vijay Verma: 5 Bollywood Stars Who Showed Stylish Ways to Style a Brooch
- Kunal Kapoor Calls Ramayana Co-star Ranbir Kapoor the “Perfect Choice” to Play Lord Ram, Describes Namit Malhotra as a “Visionary”
पीआर 24×7 की ‘ग्राम सेवा और संस्कार’ पहल के दौरान चोइथराम नेत्रालय ने किए मोतिया बिन्द के 15 सफल ऑपरेशन
चोइथराम नेत्रालय का सपना, अंधत्व से मुक्त हो मध्य प्रदेश अपना
इंदौर, दिसंबर, 2023: मध्य प्रदेश के सोनकच्छ जिला स्थित ग्राम दौलतपुर में देश की मोस्ट प्रॉमिसिंग पीआर कंपनी, पीआर 24×7 द्वारा 23, 24 और 25 दिसंबर, 2023 को आयोजित तीन दिवसीय निःस्वार्थ समाजसेवी पहल- ‘ग्राम सेवा और संस्कार’ ने सफलता के अनूठे परचम लहराए। दूसरे दिन यानि 24 दिसंबर को चोइथराम नेत्रालय ने इस पहल में अपना अभूतपूर्व और अद्वितीय योगदान दिया, जिसमें गाँव के 80 से अधिक व्यक्तियों की निःशुल्क आँखों की जाँच की गई। इस दौरान 15 व्यक्तियों की आँखों में मोतिया बिन्द के लक्षण पाए गए। सभी मरीजों को एम्बुलेंस बस से इंदौर स्थित चोइथराम नेत्रालय लाया गया और उनका सफल ऑपरेशन कर उन्हें आँखों की समस्या से निजात दिलाया गया। सभी मरीजों के इंदौर आने, ठहरने, भोजन, इलाज और वापसी तक की सारी व्यवस्थाएँ निःशुल्क रहीं।
चोइथराम नेत्रालय के ट्रस्टी श्री अश्विनी वर्मा, हॉस्पिटल मैनेजर श्री कृष्ण सिंह एवं श्री आदित्य व्यास के नेतृत्व में चोइथराम नेत्रालय के पैरामेडिकल स्टाफ ऑप्टोमेट्रिस्ट डॉ. कमल गोस्वामी, श्री आयुष प्रजापत और श्री दीपक चौहान द्वारा उक्त आई चेक अप कैंप में नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें ओपीडी 80 और आईपीडी 15 थी।
इस अवसर पर श्री अश्विनी वर्मा ने कहा, “चोइथराम नेत्रालय में हम मरीज को भगवान मानते हैं और उनके खाने-पीने, रहने, कंबल, इलाज और बस की तमाम सुविधाएँ पूरी तरह निःशुल्क होती हैं। उन्हें प्रेरित करने के लिए उपहार भी दिया जाता है। इस सराहनीय पहल के लिए पीआर 24×7 के फाउंडर, श्री अतुल मलिकराम एवं उनकी टीम को बहुत-बहुत धन्यवाद् एवं आभार। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविरों का आयोजन निरंतर रूप से किया जाना चाहिए, ताकि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों और गरीबों को उचित एवं निःशुल्क इलाज मिल सके।”
इस पहल का समर्थन करते हुए, आई चेकअप कैंप के आयोजक और चोइथराम नेत्रालय के पैरामेडिकल स्टाफ ऑप्टोमेट्रिस्ट डॉ. कमल गोस्वामी ने कहा, “पीआर 24×7 द्वारा की गई यह पहल बेहद सराहनीय है। गाँव के लोगों में जागरूकता की काफी कमी देखने को मिली, जिन्हें संस्था द्वारा आँखों की जाँच के लिए घर-घर जाकर प्रेरित किया गया। गाँव के लोगों में पाया गया कि वे अपनी आँखों और स्वास्थ्य को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। जाँच होने के बाद कुछ लोगों के विचार ऐसे रहे कि कुछ समय बाद उनकी समस्या अपने-आप ही ठीक हो जाएगी, जबकि है इसका विपरीत। बीमारी के प्रति लापरवाही कभी-भी अच्छे परिणाम नहीं देती, उन्हें इसके लिए जागरूक करने की बेहद आवश्यकता है, ताकि वे अंधत्व का शिकार न बनें। ऐसे में, प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए शासन को सख्त जरुरत है कि इस तरह के पिछड़े इलाकों में जमीनी स्तर पर उतरकर जागरूकता अभियान चलाए और उन्हें अपनी बीमारी का इलाज कराने के लिए प्रेरित करे।”
पीआर 24×7 के वाइस प्रेसिडेंट, मार्केटिंग, पवन त्रिपाठी ने कहा, “आँखों का स्वस्थ होना एक व्यक्ति के जीवन में बहुत महत्व रखता है। पहल में आई चेक अप कैंप को शामिल करने का हमारा उद्देश्य गाँववासियों को अपनी आँखों के स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित करना था, जो कि मेडिकल की उपरोक्त टीम के बिना नामुमकिन था। ग्राम सेवा और संस्कार पहल में अपना अभूतपूर्व योगदान देने के लिए मैं पीआर 24×7 की पूरी टीम की तरफ से चोइथराम नेत्रालय की निःस्वार्थ सेवा के लिए उन्हें धन्यवाद् देता हूँ। पहल को पूर्ण करने के लिए हम सभी चोइथराम नेत्रालय के आभारी हैं। जब दो समाजसेवी एक साथ काम करते हैं, तो परिणाम वंदनीय मिलते हैं, इसकी मिसाल हमें ग्राम दौलतपुर में देखने को मिली।”
गौरतलब है कि पीआर 24×7 द्वारा की गई अनूठी पहल- ‘ग्राम सेवा और संस्कार’ में विभिन्न गतिविधियाँ शामिल रहीं। चोइथराम नेत्रालय के सहयोग से आयोजित किए जाने वाले आई चेकअप कैंप के साथ ही कंपनी द्वारा महिलाओं के लिए रिप्रोडक्टिव हेल्थ पर सेशन, महिलाओं और पुरुषों द्वारा स्वच्छता के लिए ध्यान रखी जाने वाली बातें, बुजुर्गों के लिए खुश रहने के मूलमंत्र, छोटे बच्चों के लिए अच्छी आदतें और संस्कार, खेती में सुधार पर चर्चा, स्वास्थ्य और शिक्षा पर काउन्सलिंग, स्वच्छता अभियान, वॉल पेंटिंग और कई अन्य अनूठी गतिविधियाँ इस तीन दिवसीय पहल की शोभा बढ़ाने का माध्यम रहीं।


